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June 23, 2021

क्या माइंड गेम खेल रहा है इजराइल

क्या माइंड गेम खेल रहा है इजराइल

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बेंजामिन नेतन्याहू को पता है कि जो मौका हमास ने उसे दे दिया है इसे अब छोड़ा तो जीवन भर पछताना ही पड़ेगा. लेकिन अगर इस मौके को भुना दिया तो पीएम की कुर्सी और दुनिया में जलवा फ़िलीपीन्स को सबक सब एक ही बार में हो जाएगा. नेतन्याहू जानते हैं कि सीजफायर जल्द होगा, लेकिन इससे पहले वह हमास को तबाह कर देना चाहता है. इजराइल का रुख कितना आक्रामक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसने अपने टैंक्स और थल सेना जंग में उतार दी है. हमास और फिलीस्तीन के लिए यह बहुत खतरनाक स्थिती है.

इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने जैसे ही कहा था, हमास ने बहुत बड़ी गलती कर दी है, इस जुर्रत की उसे बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी. आतंकियों के खात्मे के बाद ही अमन मुमकिन है. इधर, बयान आया, उधर इजराइली थल सेना पूरी तैयारी के साथ गाजा पट्टी और फिलीस्तीनी सीमा के पास जुट गई.

इस बारे में कोई दो राय नहीं हो सकती कि इजराइल सैन्य रूप से दुनिया की महाशक्ति है. अमेरिका और पूरा वेस्टर्न वर्ल्ड इजराइल के साथ खड़ा है. अमेरिका और इजराइल के बीच टॉप लेवल पर बातचीत भी जारी है. हमास ने कई साल बाद इजराइल पर इतना बड़ा हमला किया है, लिहाजा इजराइल उसे बख्शने के मूड में कतई नहीं है.

क्योंकि इजराइल भारत नहीं है कि पाकिस्तान को बार बार माफ कर दे और बार बार दोखे खाता रहे और अपने जवान मरवाता रहे. वो इजराइल है एक जवान मरने पर वो 100 मारता है. वो अपने नुकसान के होने पर दूसरे का काल बन जाता है. अब इजराइल को पता है शांति का राग अलापने वाले आएंगे और उसे उनके इस राग अलापने से पहले पहले हमास को सबक सिखाना है.

‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल बहुत अच्छे से जानता है कि दोनों पक्षों में सीजफायर कराने के लिए दुनिया के बड़े देश एक्टिव हो चुके हैं, और वो दिन ज्यादा दूर नहीं, जब सीजफायर हो जाएगा. इसके पहले इजराइल हमास की कमर तोड़ देना चाहता है, ताकि वो भविष्य में सिर न उठा सके. यही वजह है कि इजराइली थल सेना भी हमले के लिए तैयार है.

अमेरिका और मिस्र की सरकारें सीजफायर कराने के लिए एक्टिव हो चुकी हैं. लेकिन, इजराइल इस मौके को भुना लेना चाहता है. फिलीस्तीन सरकार और हमास के बीच रणनीति को लेकर गंभीर मतभेद हैं. फिलीस्तीन सरकार हमास के दबाव में है. राष्ट्रपति महमूद अब्बास को इस बात का डर है की संयुक्त राष्ट्र अपनी देख रेख में चुनाव करवाएगा क्योंकि वो हमास की सहायता लेकर पिछले 15 साल से गद्दी पर बैठा है.

इस लिए उसने हमास से कहकर इजरायल पर हमला तो करवा दिया. लेकिन अब राष्ट्रपति महमूद अब्बास जानते हैं कि हमास उनके लिए भी चुनौती बन चुका है. हमास ताकत के बल पर इजराइल से अपने इलाके वापस लेना चाहता है. अब्बास चुपचाप बैठा है क्योंकि पता है अब इजरायल भी बख्शने के मूड में नहीं है. इस लिए अब इजरायल माइंड गेम खेल रहा है. हमास को शांति से पहले ही तबाह और नेस्तनाबूद करना चाहता है.

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