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August 5, 2021

योगी मोदी के बीच आखिर चल क्या रहा है

योगी मोदी के बीच आखिर चल क्या रहा है

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सत्ता सिंहासन में बीजेपी कि योगी मोदी के बीच क्या कहनियां बनाई जा रही हैं. इस पर सवाल जवाब के हल हर कोई अपने अपने ऐंगल से दे रहा है. लेकिन हकीकत में मोदी योगी की ये जंग है ही नहीं. ये तो बचे हुए प्यादों की जंग है. वर्चस्व की लड़ाई है. जो मोदी और योगी के बाद अपने आप को एक अलग पहचान देकर बचाना चाहते हैं.

क्योंकि हर किसी का वक्त हमेंशा नहीं रहता, मोदी योगी के बाद प्यादों का क्या होगा प्यादों इसी को सोच कर चिंता में हैं. इस लिए वो हर बात पर चर्चा करने लगते हैं जो भी खबर किसी ने भी कही प्यादे उसे सच मानकर अपना भविष्य देखने लगते हैं. दरसल यूपी का बटवारा होने वाला है. मोदी जी यहीं बात योगी जी को समझाना चाहते हैं.

योगी जी मान नहीं रहे लेकिन देर सवेर मान जाएंगे. क्योंकि यूपी में विकास अगर सच्चे मायने में करना है तो यूपी का बटवारा ज़रूरी है. क्योंकि अपने आप में यूपी एक देश है. यूपी की आबादी पाकिस्तान से भी ज्यादा है. मोदी ये अच्छी तरह जानते हैं की अगर यूपी से छोटे दलों के वर्चस्व को खत्म करना है तो यूपी को बांटने के बाद ही ऐसा किया जा सकता है.

इसके दो उदाहरण पहले भी हमारे सामने हैं उत्तराखंड़ से समाजवादी और बहुजन समाजवादी का सूपड़ा साफ हो जाना. क्योंकि क्षेत्रीय नेता जहां मुख्यमंत्री बनने की हैसियत रखते हैं इनकी पूछ बस वहीं होती है, उसके आलावा इनकी विचारधारा सिमट जाती है. जम्मू कश्मीर इसका दूसरा उदाहरण है.

अब मुद्दे की बात ये है कि योगी को ये बात समझाने में लगे हैं की आप का कद छोटा नहीं होगा आप अपने अनुसार जो राज्य लेना चाहेंगे आप को उसका सीएम बना दिया जाएगा बस आप बात को समझिए. लेकिन प्यादों ने इस पर योगी को मोदी का विक्लप बता कर अफवाह उड़ा दी. दरसल बीजेपी में ऐसे बहुत से नेता हैं जिन्हे लगता है योगी की वजह से वो हाशिये पर चले गए हैं.

योगी भी मोदी की तरह अफसरशाही से काम करते हैं. उनकी योगी के आगे नहीं चलती. कोरोना महामारी में इसका सब से बड़ा उदाहरण देखा गया जब बीजेपी के नेताओं की को सलाह लेने के बजाए अफसर अपनी मरमर्जी करते रहे. नेताओं की कोई पूछ ही नहीं थी. तो बीजेपी के यूपी के दूसरी पंक्ति के नेताओं ने दबी जूबान में आवाज़ संग तक पहुंचाई. संग ने भी यूपी के बटवारे पर हामी भर दी.

लेकिन अब पुराना ज़माना तो है नहीं की बात बाहर लीक हो जाए. तो प्यादों में यूपी की लड़ाई पर बात होने लगी. अब बात शर्मा जी की. जिन्हे मुख्यमंत्री पद का दावेदार तक कहा जाने लगा. हकीकत में प्यादे सही हैं लेकिन उनको यह नहीं पता की बटवारे के बाद वाले यूपी में किसी एक हिस्से को उनके हवाले किया जाएगा. एक केशव प्रसाद मोर्य के हवाले.

चुनाव से ठीक पहले ये काम किया जाएगा. पहले चर्चा ये थी की मनोज सिंहा को जम्मू कश्मीर का उप राज्यपाल पद से हटाकर यूपी के एक खित्ते का दावेदार बनाया जाए. लेकिन अब खबर ये है की प्रधानमंत्री के खास शर्मा जी को यूपी मंत्रीमंडल में जगह देकर उन्हे एक छह महीने चेक किया जाएगा. अगर वा जन नेता बनने में कामयाब होते हैं तो उनके हवाले भी एक खित्ता किया जाएगा.

मोदी योगी में बस लड़ाई की तो एक नकली कहानी है. हां योगी जी की नाराज़गी ज़रूर थी प्रदेश को बांटने के लिए जिसे अब दूर कर लिया जाएगा. मोदी योदी के बीच यहीं चल रहा है जो आप आने वाले वक्त में देखेंगे.

लेखक डीविलियर के पापा

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